पीबीसी क्या है
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PBC Foundation एकमात्र ब्रितानी सन्सथा है जो खास पीबीसी पर काम करती है|

पीबीसी क्या है

पीबीसी क्या है

पीबीसी (Primary Biliary Cholangitis) एक दीर्घकालिक, स्व-प्रतिरक्षित रोग है जो जिगर को प्रभावित करता है। आसान भाषा में, शरीर जिगर की पित्तनलिकाओं को बाहरी पदार्थ समझने लगता है और इनकी बाहरी परत को नष्ट करने लगता है। ये पित्तनलिकाएँ जिगर से पित्त को बहने मे मदद करती हैं, इसलिए इन पित्तनलिकाओं को नुकसान पहुंचने से पित्त अम्ल यानी बाइल एसिड्स के निकास पर बुरा असर पड़ता है। पित्त अम्ल यानी बाइल एसिड्स पित्तनलिकाओं से रिसने लगते हैं, जिससे जिगर में सूजन व घाव हो जाते हैं।

हम जानते हैं कि पीबीसीआनुवंशिक यानी जेनेटिक कारणों से सम्बंधित है, व स्व-प्रतिरक्षित रोगों की श्रेणी में आता है, इसके कारण व उपचार हमें ज्ञात नहीं हैं। पीबीसी की पहचान के लिये AMA blood test (antimitochondrial antibody) किया जाता है और ये 95% सही होता है।

 अब तक Ursodeoxycholic Acid पीबीसी का एकमात्र मान्यता प्राप्त इलाज है। यह एक पित्त लवण है जो जिगर से पित्त के निकास में मदद करता है जिससे रोग की बढ़त कम होती है व लीवर फंक्शन टेस्ट (LFTs) के नतीजे बहतर होते हैं। पीबीसी के अधिकतर लक्षण दूर करने के लिये दूसरी दवाएं भी उप्लब्ध हैं।

पीबीसी के कुछ आवश्यक तथ्य:

कई पीबीसी पीड़ितों को कभी cirrhosis नहीं होता।

पीबीसी हर आदमी के मुकाबले नौ औरतों को प्रभावित करता है।

PBC Foundation की सबसे वृद्ध सदस्या 103 साल की उम्र में मरीं। वो पीबीसी के *साथ* मरीं, पीबीसी के *कारण* नहीं।

पीबीसी के वो रोगी जो ursodeoxycholic acid से बहतर प्रतिक्रिया दिखाते हैं, जीवन प्रत्याशा यानी life expectancy की तुलना में आम लोगों के समतर आ सकते हैं।

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